Kanpur MP Ramesh Awasthi Profile: कानपुर की आवाज़ संसद में, रमेश अवस्थी की कहानी
उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और ऐतिहासिक नगरी कानपुर से लोकसभा पहुंचे रमेश अवस्थी उन सांसदों में गिने जाते हैं, जिनकी पहचान शांत स्वभाव, मजबूत उपस्थिति और ज़मीनी मुद्दों पर निरंतर हस्तक्षेप के लिए बन रही है। यह उनका पहला संसदीय कार्यकाल है, लेकिन संसद में उनकी सक्रियता किसी अनुभवी सांसद से कम नहीं दिखती।
साधारण पृष्ठभूमि, स्पष्ट दृष्टि
1 दिसंबर 1967 को फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश में जन्मे रमेश अवस्थी एक साधारण परिवार से आते हैं। पिता राजेंद्र प्रसाद और माता ब्रह्मा देवी से उन्हें अनुशासन, मेहनत और सामाजिक जिम्मेदारी के संस्कार मिले। आज 58 वर्ष की उम्र में वे जीवन के उस पड़ाव पर हैं, जहाँ अनुभव और ऊर्जा—दोनों साथ दिखाई देते हैं।
शिक्षा और निजी जीवन
रमेश अवस्थी ने स्नातकोत्तर और उससे ऊपर की शिक्षा प्राप्त की है। उनकी पढ़ाई Vinayaka Mission’s Research Foundation से हुई। निजी जीवन में वे तीन बच्चों के पिता हैं और वर्तमान में कानपुर को ही अपना स्थायी निवास बनाए हुए हैं। परिवार और सार्वजनिक जीवन के बीच संतुलन उनकी पहचान का अहम हिस्सा है।
राजनीति में प्रवेश और लोकसभा तक का सफर
भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े रमेश अवस्थी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में कानपुर से जीत दर्ज की। उन्होंने 4 जून 2024 को सांसद के रूप में शपथ ली और इससे पहले इस सीट का प्रतिनिधित्व सत्यदेव पचौरी कर रहे थे। यह उनका पहला कार्यकाल है, लेकिन संसद में उनकी मौजूदगी यह संकेत देती है कि वे इसे केवल औपचारिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनसेवा का मंच मानते हैं।

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संसद में प्रदर्शन: आंकड़े जो कहानी कहते हैं
🔹 97% उपस्थिति – राष्ट्रीय औसत से बेहतर
जहाँ राष्ट्रीय औसत उपस्थिति लगभग 87% है, वहीं रमेश अवस्थी की 97% उपस्थिति उन्हें संसद के सबसे नियमित सांसदों में खड़ा करती है।
लगभग हर सत्र में उनकी मौजूदगी रही है—चाहे बजट सत्र हो या शीतकालीन सत्र।
प्रमुख सत्रों में उपस्थिति:
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मानसून सत्र 2025 – 100%
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बजट सत्र 2025 – 96%
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18वीं लोकसभा का पहला सत्र – 100%
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शीतकालीन सत्र 2024 – 100%
🔹 बहसों में भागीदारी: कानपुर की समस्याओं की सीधी आवाज
अब तक वे 16 संसदीय बहसों में हिस्सा ले चुके हैं।
इन बहसों का केंद्र रहा है—
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कानपुर की बंद पड़ी मिलों का पुनरुद्धार
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गंगा नदी के घाटों का विकास
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हवाई संपर्क में सुधार
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रेलवे, जल शक्ति और कृषि से जुड़े मुद्दे
ग्रीन पार्क स्टेडियम के नवीनीकरण से लेकर लाल इमली मिल को फिर से शुरू करने तक—उनकी बहसों में स्थानीय सरोकार स्पष्ट रूप से दिखते हैं।

🔹 29 प्रश्न: सरकार से जवाबदेही की मांग
रमेश अवस्थी ने संसद में 29 प्रश्न पूछे, जो उनके पहले कार्यकाल के लिहाज़ से महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
इन प्रश्नों के विषय रहे—
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किसानों के लिए योजनाएं
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महिला और बाल सुरक्षा
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स्वास्थ्य सेवाएं
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डिजिटल शिकायत निवारण
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एमएसएमई और रोजगार
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कानपुर हवाई अड्डे से उड़ानों का विस्तार
हालाँकि प्रश्नों की संख्या राष्ट्रीय औसत से कम है, लेकिन विषयों की विविधता बताती है कि वे व्यापक दृष्टि रखते हैं।
मुद्दों की राजनीति, विवादों से दूरी
अब तक रमेश अवस्थी का नाम किसी बड़े विवाद, घोटाले या आपराधिक मामले से नहीं जुड़ा है। उनकी छवि एक ऐसे सांसद की है, जो
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टकराव से ज्यादा कार्य पर भरोसा करते हैं,
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बयानबाज़ी से ज्यादा संसदीय प्रक्रिया को प्राथमिकता देते हैं।
वे भाजपा की नीतियों के समर्थक हैं, लेकिन संसद में उनकी भूमिका अक्सर क्षेत्रीय जरूरतों पर केंद्रित दिखती है।
https://x.com/irameshawasthi/status/2009629563190641050?s=20
कानपुर के लिए प्राथमिकताएँ
रमेश अवस्थी की संसदीय गतिविधियों से साफ होता है कि उनकी प्राथमिकताएँ हैं-
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औद्योगिक पुनर्जीवन
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रोजगार सृजन
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गंगा तट विकास
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हवाई और रेल कनेक्टिविटी
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खेल और युवा अधोसंरचना
कानपुर के विकास को वे केवल परियोजनाओं तक सीमित नहीं रखते, बल्कि लंबी अवधि की संरचनात्मक जरूरत के रूप में देखते हैं।
https://tesariaankh.com/dmk-mp-c-n-annadurai-profile-tiruvannamalai/
निष्कर्ष: एक अनुशासित, सक्रिय और उभरता सांसद
रमेश अवस्थी भले ही संसद में नए हों, लेकिन उनकी उपस्थिति, मुद्दों का चयन, और स्थानीय फोकस उन्हें एक गंभीर और उत्तरदायी सांसद के रूप में स्थापित करता है। कानपुर की जनता के लिए वे अभी उम्मीद का चेहरा हैं और आने वाले वर्षों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह पहला कार्यकाल एक लंबे और प्रभावशाली राजनीतिक सफर की नींव बनता है या नहीं।








