ठंड में कोहरा क्यों होता है?
सर्दियों का मौसम आते ही उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में कोहरे (Fog) की समस्या आम हो जाती है। दिसंबर और जनवरी के महीनों में सुबह और देर रात घना कोहरा देखने को मिलता है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होता है। सड़क दुर्घटनाएँ, रेल और हवाई यातायात में देरी, स्वास्थ्य समस्याएँ और कृषि पर प्रभाव—कोहरा केवल मौसम की घटना नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक और आर्थिक समस्या भी बन चुका है।
कोहरा क्या है?
कोहरा वास्तव में बादल का ही एक रूप होता है, जो ज़मीन के बहुत पास बनता है। जब हवा में मौजूद जलवाष्प ठंडी होकर बहुत छोटे-छोटे जलकणों में बदल जाती है और दृश्यता 1000 मीटर से कम हो जाती है, तो उसे कोहरा कहा जाता है। सर्दियों में तापमान गिरने के कारण यह प्रक्रिया तेज़ी से होती है।
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ठंड में कोहरा बनने के मुख्य कारण
1. तापमान में तेज गिरावट
सर्दियों की रातों में ज़मीन तेज़ी से ठंडी हो जाती है। जब सतह का तापमान ओसांक (Dew Point) तक पहुँच जाता है, तब हवा में मौजूद नमी संघनित होकर कोहरे का रूप ले लेती है।
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2. नमी की अधिकता
नदियों, झीलों, नहरों और सिंचाई वाले क्षेत्रों में हवा में नमी अधिक होती है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में गंगा–यमुना का मैदान कोहरे के लिए अत्यंत अनुकूल माना जाता है।
3. हवा की गति का कम होना
जब हवा की गति बहुत कम होती है, तब नमी फैल नहीं पाती और एक स्थान पर इकट्ठा होकर कोहरे का निर्माण करती है। तेज़ हवा कोहरा बनने से रोकती है।
4. प्रदूषण और स्मॉग
वाहनों का धुआँ, फैक्ट्रियों से निकलने वाली गैसें और पराली जलाने से निकलने वाला धुआँ कोहरे को और घना बना देता है। जब कोहरे में प्रदूषण मिल जाता है, तो उसे स्मॉग कहा जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए अधिक खतरनाक होता है।
5. लंबे समय तक साफ आसमान
साफ आसमान होने पर रात में ज़मीन अधिक ठंडी होती है, जिससे रेडिएशन फॉग बनने की संभावना बढ़ जाती है।
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कोहरे के प्रकार
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रेडिएशन फॉग – ठंडी रातों में ज़मीन के ठंडा होने से बनने वाला कोहरा
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एडवेक्शन फॉग – गर्म और नम हवा के ठंडी सतह पर आने से बनने वाला कोहरा
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स्मॉग – कोहरे और प्रदूषण का मिश्रण
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वैली फॉग – घाटियों और निचले इलाकों में जमा होने वाला कोहरा
कोहरे का जनजीवन पर प्रभाव
1. सड़क दुर्घटनाएँ
घने कोहरे में दृश्यता बहुत कम हो जाती है, जिससे वाहन चालक सामने की चीज़ें नहीं देख पाते। हर साल सर्दियों में कोहरे के कारण हज़ारों सड़क दुर्घटनाएँ होती हैं।
2. रेल और हवाई यातायात प्रभावित
कोहरे के कारण ट्रेनों के परिचालन में देरी होती है। कई बार ट्रेनें घंटों लेट चलती हैं। हवाई उड़ानें भी रद्द या विलंबित हो जाती हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी होती है।
3. स्वास्थ्य पर असर
कोहरे और स्मॉग से:
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आँखों में जलन
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साँस लेने में दिक्कत
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अस्थमा और ब्रोंकाइटिस की समस्या
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बुज़ुर्गों और बच्चों में संक्रमण
जैसी समस्याएँ बढ़ जाती हैं।
4. कृषि पर प्रभाव
कोहरा फसलों पर दोहरा प्रभाव डालता है। एक ओर हल्का कोहरा नमी प्रदान कर लाभदायक होता है, वहीं दूसरी ओर घना और लंबे समय तक रहने वाला कोहरा फसलों में फंगल रोग बढ़ा देता है, खासकर आलू, सरसों और गेहूं में।
5. दैनिक जीवन और अर्थव्यवस्था
दफ्तर देर से खुलते हैं, स्कूलों का समय बदलना पड़ता है, व्यापार प्रभावित होता है और कामकाज की गति धीमी हो जाती है।
कोहरे से जुड़ी स्वास्थ्य सावधानियाँ
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सुबह जल्दी निकलने से बचें
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मास्क या कपड़े से नाक-मुँह ढकें
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गर्म कपड़े पहनें और शरीर को ढका रखें
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अस्थमा व हृदय रोगी नियमित दवाएँ लें
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धूम्रपान से बचें
वाहन चलाते समय कोहरे में सावधानियाँ
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फॉग लाइट का प्रयोग करें
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हाई बीम की जगह लो बीम का उपयोग करें
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वाहन की गति कम रखें
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आगे चल रहे वाहन से सुरक्षित दूरी बनाए रखें
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सड़क किनारे अनावश्यक रूप से वाहन न रोकें
सरकार और प्रशासन की भूमिका
सरकार को कोहरे से निपटने के लिए:
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सड़क सुरक्षा अभियान चलाने
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रेल और हवाई सेवाओं में तकनीकी सुधार
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प्रदूषण नियंत्रण पर सख्ती
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किसानों के लिए मौसम आधारित सलाह
जैसे कदम उठाने चाहिए।
मौसम विभाग द्वारा समय पर कोहरे की चेतावनी (Fog Alert) जारी करना भी बेहद आवश्यक है।
कोहरा और जलवायु परिवर्तन
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ता प्रदूषण कोहरे की समस्या को और गंभीर बना रहे हैं। शहरीकरण, वाहनों की संख्या में वृद्धि और औद्योगिक उत्सर्जन इसके प्रमुख कारण हैं।
ठंड में कोहरा एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन मानव गतिविधियों के कारण यह अब अधिक घना और खतरनाक होता जा रहा है। कोहरे का प्रभाव केवल मौसम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य, यातायात, कृषि और अर्थव्यवस्था सभी को प्रभावित करता है। जागरूकता, सावधानी और सरकारी प्रयासों के माध्यम से कोहरे से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
कोहरे से डरने की नहीं, बल्कि समझदारी और सतर्कता से निपटने की ज़रूरत है।








