हरियाणा के झज्जर के कबलाना गांव में साधु-संतों की भीड़ के बीच मंच पर खड़े उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ का लहजा इस बार सिर्फ आध्यात्मिक नहीं, साफ-साफ चेतावनी वाला था। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे भारत अपने स्वर्णयुग की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे विदेशी ताकतें नए तरीके से हमला करने की तैयारी में हैं – इस बार निशाना होगा समाज की आस्था और नई पीढ़ी की चेतना।
योगी ने साफ कहा कि आने वाला हमला दो मोर्चों से होगा – धर्मांतरण और नशा। उनके शब्दों में, जब भारत मजबूत होता है, तब उसके खिलाफ षड्यंत्र भी तेज होते हैं, और आज धर्मांतरण गैंग व ड्रग नेटवर्क मिलकर सनातन समाज को भीतर से खोखला करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने संतों से अपील की कि किसी भी सनातन विरोधी गतिविधि को स्वीकार न किया जाए और हर धार्मिक आयोजन जनजागरण का मंच बने।
सीएम योगी ने नशे को सिर्फ कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि सभ्यता के अस्तित्व का सवाल बताया। उन्होंने चेताया कि सीमा पार से नशे की सप्लाई, हमारे ही युवाओं को निशाना बना रही है और अगर समाज समय रहते नहीं जागा तो आने वाली पीढ़ियां इसे माफ नहीं करेंगी। उनकी नजर में ड्रग माफिया और धर्मांतरण गिरोह, दोनों एक ही विदेशी एजेंडा का हिस्सा हैं, जो युवाओं की सोच और समाज की एकता पर वार कर रहे हैं।
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नाथ संप्रदाय की परंपरा का जिक्र करते हुए योगी ने याद दिलाया कि योगी-संत पहले गांव-गांव जाकर सारंगी बजाकर लोगों को सचेत करते थे, समाज को संगठित करते थे। आज, उसी तरह हर संत, हर आश्रम और हर धार्मिक मंच को धर्मांतरण, लव जेहाद और नशे के खिलाफ मोर्चा बनना होगा। उनका संदेश साफ था – सनातन धर्म की रक्षा सिर्फ पूजा-पाठ से नहीं, बल्कि संगठित सामाजिक चेतना से होगी।
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सीएम योगी ने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर फहराई गई भगवा धर्मध्वजा का उदाहरण दे कर कहा कि यह सिर्फ कपड़ा नहीं, यह विश्वास है कि सम और विषम हर स्थिति में सनातन धर्म अपना सिर ऊंचा रखेगा। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि जाति, क्षेत्र, भाषा और तुष्टिकरण के नाम पर बंटने की बजाय, हर सनातनी के घर पर सनातन की ध्वजा एकजुटता का प्रतीक बनकर लहराए। योगी का यह बड़ा अलर्ट साफ संकेत देता है कि आने वाले समय में धर्मांतरण और ड्रग नेटवर्क के खिलाफ सख्त सामाजिक व सरकारी अभियान देखने को मिल सकता है।








