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मासिक दुर्गाष्टमी 28 नवंबर: जानें पूजा-विधि, महत्व और कारण

मासिक दुर्गाष्टमी क्यों मनाई जाती है, क्या है इसका महत्व

नई दिल्ली, 27 नवंबर। मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को पड़ने वाली मासिक दुर्गाष्टमी इस बार 28 नवंबर को मनाई जाएगी। सनातन परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाने वाली यह तिथि आदिशक्ति दुर्गा को समर्पित होती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, हर महीने आने वाली दुर्गाष्टमी नवरात्रि के समान ही पुण्यदायी मानी जाती है और इस दिन व्रत, पूजा तथा उपवास रखने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और मानसिक व आध्यात्मिक शक्ति की वृद्धि होती है।

मासिक दुर्गाष्टमी क्यों मनाई जाती है? — धार्मिक कारण और मान्यताएँ

मासिक दुर्गाष्टमी का उल्लेख देवी भागवत, कल्पसूत्र, और दुर्गा सप्तशती जैसे कई ग्रंथों में मिलता है। बताया गया है कि:

  • हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी पर दिव्य शक्ति का संचय सबसे अधिक होता है, और यह दिन साधना-पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

  • ऐसा विश्वास है कि देवी दुर्गा इस तिथि पर अपने भक्तों की विशेष प्रार्थनाएँ सुनती हैं और रोग, शोक, भय, दरिद्रता व शत्रु बाधा से मुक्ति प्रदान करती हैं।

  • यह दिन उन लोगों के लिए विशेष फलदायी माना जाता है जिन्हें जीवन में कष्ट, बाधाएँ, पूर्ण फल न मिलना या मनोवैज्ञानिक तनाव का सामना करना पड़ रहा हो।

नवरात्रि की तरह ही, मासिक दुर्गाष्टमी को भी मां दुर्गा के नौ रूपों की ऊर्जा जागृति का दिवस माना जाता है। इसलिए इसका आध्यात्मिक महत्व अत्यधिक है।

इस बार का ज्योतिषीय संयोग

द्रिक पंचांग के अनुसार 28 नवंबर को:

  • सूर्य — वृश्चिक राशि में

  • चंद्रमा — कुम्भ राशि में

  • अभिजीत मुहूर्त — 11:48 AM से 12:30 PM

  • राहुकाल — 10:50 AM से 12:09 PM

यह संयोग देवी उपासना को और भी प्रभावी बनाता है।

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मासिक दुर्गाष्टमी की पूजा-विधि

  1. ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर लाल वस्त्र धारण करें।

  2. पूजा स्थल को साफ कर लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं।

  3. मां दुर्गा की प्रतिमा/चित्र और कलश स्थापना करें।

  4. लाल चुनरी, रोली, चावल, गुड़हल के फूल, चंदन अर्पित करें।

  5. फल, मिठाई या सात्विक भोग (खीर/हलवा) चढ़ाएं।

  6. घी का दीपक और धूप जलाएँ।

  7. दुर्गा सप्तशती या मन्त्रों का पाठ करें।

  8. अंत में आरती करें और कन्या पूजन अवश्य करें।

  9. जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या धन का दान करना शुभ माना जाता है।

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मासिक दुर्गाष्टमी का आध्यात्मिक महत्व

  • मन की शांति और ऊर्जा का संचार

  • पारिवारिक संकटों से मुक्ति

  • करियर और जीवन में प्रगति

  • असाधारण मानसिक शक्ति और साहस

  • दैहिक और आध्यात्मिक सुरक्षा

  • सौभाग्य और समृद्धि में वृद्धि

व्रत और पूजा करने से नवरात्रि जैसा पुण्य प्राप्त होने की मान्यता है।

Tesari Aankh
Author: Tesari Aankh

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