अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में होने वाले ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह को ध्यान में रखते हुए सोमवार शाम से भक्तों के लिए रामलला के दर्शन अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। यह प्रतिबंध 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में आयोजित होने वाले वैदिक ध्वजारोहण कार्यक्रम के समाप्त होने तक लागू रहेगा।
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से यात्रा की योजना बदलने की अपील करते हुए कहा कि सुरक्षा तैयारियों और समारोह के चलते मंदिर परिसर में प्रवेश सीमित रहेगा।
शहर में भव्य सजावट और कड़ा सुरक्षा प्रबंध
अयोध्या को पूरी तरह दुल्हन की तरह सजाया गया है। प्रमुख मार्गों पर लाइटिंग, झंडे और बैनर लगाए जा रहे हैं। हर महत्वपूर्ण चौराहे और मंदिर मार्ग पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
मंदिर परिसर में चल रहा आध्यात्मिक वातावरण और वैदिक मंत्रोच्चारण ध्वजारोहण उत्सव की भव्यता को दर्शा रहा है।
स्थानीय व्यापारियों की जिंदगी बदली
अयोध्या में मंदिर के निर्माण के बाद स्थानीय अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है। बिहार के औरंगाबाद के फूल-माला विक्रेता नरेश कुमार के अनुसार
“राम मंदिर बनने के बाद हमारी बिक्री कई गुना बढ़ गई है। अब रोज 2–3 क्विंटल माला बिक जाती है। हर महीने 50–60 हजार की कमाई हो जाती है।”
35 वर्षों से फूल बेच रहे संजय ने भी बताया कि
“अयोध्या पहले जैसी नहीं रही। विकास इतना तेज है कि व्यापारियों के लिए यह एक वरदान बन गया है।”
आचार्यों ने PM मोदी की भूमिका को बताया ऐतिहासिक
ध्वजारोहण अनुष्ठान में जुड़े कई वैदिक विद्वानों और आचार्यों ने पीएम मोदी की भूमिका की सराहना की है।
जगतगुरु परमहंस आचार्य ने कहा—
“अयोध्या आज फिर से वेदों और पुराणों में वर्णित स्वरूप में लौट रही है। यह बदलाव प्रधानमंत्री के संकल्प का परिणाम है।”
विश्वनाथ वेदपाठशाला के प्राचार्य विजय महेश पाठक ने कहा—
“प्रधानमंत्री मोदी ने सनातन धर्म को पुनर्जीवित किया है। हजारों वर्षों की प्रतीक्षा के बाद राम मंदिर का निर्माण उनके नेतृत्व में संभव हुआ।”
आचार्य सागर राजेंद्र शर्मा और डॉ. गजानन ज्योतकर महाराज ने भी कहा कि अयोध्या का दिव्य स्वरूप पीएम मोदी की दूरदृष्टि और तपस्या का परिणाम है।
33 घंटे का ट्रैफिक अलर्ट: 16 जिलों में असर
25 नवंबर के कार्यक्रम को देखते हुए अयोध्या में 23 नवंबर आधी रात से 26 नवंबर रात 8 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
इसका प्रभाव 16 जिलों पर पड़ेगा —
अयोध्या, अम्बेडकरनगर, बस्ती, सुल्तानपुर, गोंडा, बहराइच, बाराबंकी, लखनऊ, अमेठी, प्रतापगढ़, रायबरेली आदि।
शहर के कई प्रमुख मार्ग — जैसे साकेत पेट्रोल पंप, लता मंगेशकर चौक, रामघाट चौक, रायगंज, इकबाल अंसारी मोड़, अशर्फी भवन, सहादतगंज, गद्दोपुर — पूरी तरह बंद रहेंगे।
ड्रोन सर्विलांस, बम निरोधक दस्ते और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
https://x.com/cihs_india/status/1992843403219058886?s=20
Ayodhya Flag Hoisting Ceremony 21 यजमान कर रहे हैं दैनिक पूजन
ध्वजारोहण से पहले चल रहे वैदिक अनुष्ठानों में प्रतिदिन 21 यजमान शामिल होते हैं।
मुख्य यजमान: डॉ. अनिल मिश्रा
अयोध्या राजपरिवार, भाजपा नेता, पूर्व अधिकारी, स्थानीय संत—सभी को यजमान बनने का अवसर मिला है।
पूजन की दिनचर्या:
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सुबह — मंडप प्रवेश एवं वैदिक अनुष्ठान
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1:30 — भोजन
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2:30 — पूजन पुनः आरंभ
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4:00 — अल्पाहार
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6:30 — अनुष्ठान समापन
आज पूजन में सहस्त्र नामार्चन, नवग्रह पूजन, वास्तु पूजन, गणेश पूजन आदि वैदिक विधियाँ संपन्न हुईं।
PM मोदी के स्वागत को लेकर भव्य तैयारियाँ
बीजेपी और मंदिर प्रशासन की ओर से संतों, पुजारियों और स्थानीय व्यापारियों के बीच व्यापक संपर्क अभियान चल रहा है।
स्वागत के दौरान
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वैदिक मंत्र,
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शंखध्वनि,
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घंटानाद
से पूरा शहर आध्यात्मिक वातावरण में डूब जाएगा।
विधायक वेद प्रकाश गुप्ता और भाजपा अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव संतों के साथ बैठकें कर रहे हैं, ताकि आयोजन अधिकतम भव्य और अनुशासित रहे।
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अयोध्या एक बार फिर बनेगी ऐतिहासिक क्षण की साक्षी
25 नवंबर के समारोह को लेकर उत्साह चरम पर है।
मंदिर परिसर के आसपास की लाइटिंग, रंग-बिरंगे झंडे, दिव्य सजावट और अविरत वैदिक अनुष्ठान यह संकेत दे रहे हैं कि अयोध्या एक ऐसे दिन का इंतजार कर रही है, जिसे आने वाली पीढ़ियां इतिहास में पढ़ेंगी।








