World Science Day: हर साल 10 नवंबर को पूरी दुनिया ‘शांति और विकास के लिए विश्व विज्ञान दिवस’ (World Science Day for Peace and Development) मनाती है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य समाज में विज्ञान की अहम भूमिका को रेखांकित करना और यह सुनिश्चित करना है कि वैज्ञानिक प्रगति वैश्विक शांति और सतत विकास में सहायक हो।
दिवस के प्रमुख उद्देश्य
यह दिवस केवल वैज्ञानिकों के लिए नहीं है, बल्कि हर नागरिक के लिए महत्वपूर्ण है। यूनेस्को (UNESCO) द्वारा घोषित इस दिन के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- विज्ञान की भूमिका पर जन-जागरूकता: यह प्रदर्शित करना कि विज्ञान किस तरह हमारे दैनिक जीवन, पर्यावरण और स्वास्थ्य को सीधे प्रभावित करता है।
- शांति और विकास को बढ़ावा: विज्ञान को शांतिपूर्ण समाजों के निर्माण और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने का एक उपकरण बनाना।
- वैज्ञानिक एकजुटता: देशों और समुदायों के बीच वैज्ञानिक ज्ञान के आदान-प्रदान और सहयोग को मजबूत करना।
- वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास: लोगों में तार्किक सोच और वैज्ञानिक चेतना को बढ़ावा देना, ताकि वे अंधविश्वासों से दूर रह सकें।
- वैज्ञानिकों का सम्मान: समाज और मानवता के लिए वैज्ञानिकों के अमूल्य योगदान को मान्यता देना।
इतिहास और शुरुआत
यूनेस्को ने इस दिवस की शुरुआत वर्ष 2001 में की थी, और इसे पहली बार 2002 में विश्व स्तर पर मनाया गया। यह पहल बुडापेस्ट में हुए 1999 के विश्व विज्ञान सम्मेलन में तय की गई प्रतिबद्धताओं को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई थी। उस समय से, हर साल वैज्ञानिक संस्थान, विश्वविद्यालय और संगठन दुनिया भर में विज्ञान से जुड़ी चर्चाएं, कार्यशालाएं और गतिविधियां आयोजित करते हैं।
https://x.com/drkalamcsckheda/status/1987750610993864832?s=20
2025 का विशेष महत्व और थीम
वर्ष 2025 में विश्व विज्ञान दिवस का महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2024 से 2033 तक के दशक को ‘सतत विकास के लिए विज्ञान का अंतर्राष्ट्रीय दशक’ घोषित किया है।
इस वर्ष 2025 के लिए यूनेस्को द्वारा निर्धारित थीम (विषय) है:
‘विश्वास, परिवर्तन और कल: 2050 के लिए हमें जिस विज्ञान की आवश्यकता है।’
यह थीम भविष्य की जरूरतों पर केंद्रित है, जिसमें मानवता, तकनीक और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने वाले विज्ञान की आवश्यकता पर बल दिया गया है। यह हमें सोचने का मौका देता है कि आने वाले दशकों में हम अपनी वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने के लिए कैसा समावेशी और नैतिक विज्ञान चाहते हैं।
https://tesariaankh.com/unesco-living-heritage-intangible-culture/
विज्ञान सिर्फ लैब तक सीमित नहीं
यह दिवस हमें याद दिलाता है कि विज्ञान सिर्फ प्रयोगशालाओं या अकादमिक शोध तक सीमित नहीं है। यह सामाजिक प्रगति, आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। वैज्ञानिक प्रगति के माध्यम से ही हम जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य संकट और ऊर्जा सुरक्षा जैसी वैश्विक चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।








